तुम्हीं मेरी नईया तुम्हीं हो खवईया
धुन- तुम्हीं मेरे मंदिर तुम्हीं मेरी पूजा
तुम्हीं, मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया,
तुम्हीं, आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ॥
कदर मेरी मईया, किसी ने ना जानी,
हमेशा रहा मेरी, आंखों में पानी ॥
गैर तो, गैर अपनों, ने रुलाया ॥
तुम्हीं, आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ।
तुम्हीं, मेरी नईया, तुम्हीं हो...
बचपन से ही मैं, हूँ निरभागी,
तेरी दया से मेरी, किस्मत मां जागी ॥
आप ने ही, मईया मुझको, गले से लगाया ॥
तुम्हीं, आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ।
तुम्हीं, मेरी नईया, तुम्हीं हो...
जिन रिश्तो से, आशा लगाई,
उन रिश्तो ने, निराशा दिखाई ॥
मतलब की, दुनिया में, कोई ना हमारा ॥
तुम्हीं, आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ।
तुम्हीं, मेरी नईया, तुम्हीं हो...
तेरा नाम लेकर, जिए जा रही हूँ,
जहर ज़िन्दगी का, पिए जा रही हूँ ॥
तेरा नाम, है मुझको, प्राणों से प्यारा ॥
तुम्हीं, आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ।
तुम्हीं, मेरी नईया, तुम्हीं हो...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल