शेराँ वाली के भवन में कोयल बोले
शेराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले ॥
ओ कोयल बोले, कि मेरा मन डोले ॥
मेहराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले ।
शेराँ, वाली के, भवन में, कोयल बोले...
माँ हरियल पीपल, बाहर भवन के, पीछे है लगवाया ॥
ओ लाल ग़ुलाबी, झंडा भवन पे, लहर लहर लहराया,
शेराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले...
माँ पाँचों पांडवां, भवन बनाया, अर्जुन चवर ढुलाया ॥
ओ अकबर सा, सम्राट भवन में, नंगे पैरीं आया,
शेराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले...
माँ सेवक आएँ, रात जगाएँ, जय जय अम्बे हो रही ॥
ओ चौंहसठ योगनी, बाहर भवन के, नाचे दे दे फ़ेरी,
शेराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले...
माँ सात दीप, नौं खंड में है, तेरा भवन निराला ॥
ओ हनुमान, पहरे पे रहता, लाल लंगोटे वाला,
शेराँ वाली, के भवन में, कोयल बोले...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल