मज़ा क्या है गुरु नाम में

मजा क्या है गुरु नाम में ये मुझको पता ही ना था।
सारा जीवन गुजर ही गया, मैं तो पगला था नादान था॥
मजा क्या है गुरु नाम में...

दर आया तो मालूम हुआ,तेरी भक्ति का कायल हुआ।
देखी महिमा तुम्हारी प्रभु, वरना दुनियां में हैरान था।
मजा क्या गुरु नाम में...

मैं तुमसे बहुत दूर था, तेरी माया से मगरुर था।
तूने हस्ती बढ़ादी मेरी वरना जग से परेशान था॥
मजा क्या है गुरु नाम में..

भाग्य मेरे थे गुरुवर मिले, फूल जीवन में मेरे खिले।
तूने कीमत बड़ा दी मेरी वरना दुनिया में कंगाल था॥
मजा क्या है गुरु नाम में...

प्रेम भक्ति में जब से लगा, तेरे चरणों में जब से पड़ा।
नशा ऐसा हुआ नाम का वरना दुनिया में मदहोश था॥
मजा क्या है गुरु नाम में ये मुझको पता ही ना था।
सारा जीवन गुजर ही गया मैं तो पगला था नादान था।

[डॉ सजन सोलंकी]

download bhajan lyrics (182 downloads)





मिलते-जुलते भजन...