मईया का यह रूप सुहाना लगता है
धुन- दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते॥
मईया, का यह रूप, सुहाना लगता है ॥
भक्तों का भी, दिल दीवाना लगता है ॥
पल भर में, भर देती है, झोली ख़ाली ॥
इनसे, तो रिश्ता, पुराना लगता है...
मईया, का यह रूप, सुहाना...
लाल जोड़े, में सजी है, चांद सी मईया,
खूब गहनों, में लगे है, प्यारी सी मईया ॥
इनका, तो मुखड़ा, सलोना लगता है ॥
भक्तों का भी, दिल, दीवाना लगता है...
मईया, का यह रूप, सुहाना...
लंबे-लंबे, बालों में, क्या खूब, लगा गज़रा,
तीखे तीखे, नैनों में है, सज़ रहा कज़रा
हाथों में, कंगन, सुहाना लगता है ॥
भक्तों का भी, दिल, दीवाना लगता है...
मईया, का यह रूप, सुहाना...
पीले पीले, शेर पर, बैठी, मेरी मईया,
पार करने,आ गई है, सबकी ये नईया ॥
इनका, तो दरबार, सुहाना लगता है ॥
भक्तों का भी, दिल, दीवाना लगता है...
मईया, का यह रूप, सुहाना...
जय जय माँ
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल