बुलाओ श्याम वृंदावन तुम्हारी याद आती है

बुलाओ श्याम वृंदावन तुम्हारी याद आती है
तड़पता है ये दिल मेरा हमारी जाती है

सुना है हमने भक्तों से, कि तुम निधिवन आते हो
रचाते रास राधे संग, वहां मुरली बजाते हो
दिखाओ रास वो मोहन तुम्हारी याद आती है।
बुलाओ श्याम वृंदावन ...

किया है प्रेम तुमसे ही , तो फिर दुनिया से क्या मतलब
लगाकर आस बैठा हूं, सुनो हे बांसुरी वाले
सताओ ना मुझे मोहन तुम्हारी याद आती है।
बुलाओ श्याम वृंदावन ...

तुम्हारी याद जब आए, मेरे इस दिल को तड़पाए
चैन हमको नहीं आता, जिए कैसे हे गिरधारी
बुलाओ श्याम वृंदावन ...

Writer - Brajbihari Sharma

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