नहीं आना था तेरी गली में कान्हा

नहीं आना था तेरी गली में कान्हा,
पर दिल ये मेरा नहीं माना ,
अब कैसे संभालु इस दिल को ,
ये तो बन गया तेरा दीवाना ,

मैंने रोका बहुत , मैंने टोका बहुत ,
इस दिल को मैंने , समझाया बहुत ,
पर बात ना मेरी ये माना ,
ये तो बन गया तेरा दीवाना ,

नहीं आना था तेरी गली में कान्हा ,
पर दिल ये मेरा नहीं माना ,

मनमानी करे , आनाकानी करे ,
मेरी बातों पर ना ध्यान धरे ,
इसे कैसे समझाऊ कान्हा ,
ये तो बन गया तेरा दीवाना ,

नहीं आना था तेरी गली में कान्हा,
पर दिल ये मेरा नहीं माना ,

करू सारे जतन , फिर भी माने ना मन ,
दिन रात करे बस , तेरा भजन ,
इसे अपना बना ले कान्हा ,
ये तो हैं बस तेरा दीवाना ,

नहीं आना था तेरी गली में कान्हा ,
पर दिल ये मेरा नहीं माना ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

श्रेणी