खेड़ापति मंदिर में म्हारा बालाजी विराजे।

खेड़ापति मंदिर में म्हारा बालाजी विराजे।
बालाजी के संग मंगलदास जी विराजे।
दुनिया ने दर्शन दिज़ो गुरुवर, भक्ता ने दर्श दिखाजोे गुरुवर।
घणी घणी खम्मा प्रभुजी, घणी घणी खम्मा, घणी घणी खम्मा गुरुवर, घणी घणी खम्मा।
गुर थे बालाजी खेड़ापति वीर जी, मंगल दास जी हमारे गुरुवर जी।

लाल लंगोटों थारे हाथ में सोटो, खेड़ापति बाबा थारा नाम हे मोटो।
श्रीफल धराऊ बाबा चोलो में चढ़ाऊं, गुड़ चना को बाबा भोग लगाऊं
यो तो दुखियारा दुखड़ा मिटावे जी, यो तो भटक्या ने राह दिखावे जी।
घणी घणी खम्मा प्रभुजी, घणी घणी खम्मा, घणी घणी खम्मा गुरुवर घणी घणी खम्मा।
गुरु थे बालाजी, खेड़ापति वीर जी, मंगल दास जी, हमारे गुरुवर जी।

राम कृपा से ऐसा काम हुआ है, खेड़ापति बाबा थारा मंदिर बना हे।
इस मंदिर में जिस ने दान दिया है, उस भक्ता का बेड़ा पार हुआ हे।
हो थारा चरणा मे, बाबा शरणा में, जीवनराव आया हे, अर्जी लगाए रे
घणी घणी खम्मा प्रभुजी, घणी घणी खम्मा, घणी घणी खम्मा गुरुवर, घणी घणी खम्मा।
गुरु थे बालाजी, खेड़ापति वीर जी, मंगल दास जी, हमारे गुरुवर जी,