आओ मेरी जगदम्बे
आओ महारानी
ज्योत जगाऊं मैं
तेरी अम्बे रानी
आओ मेरी जगदम्बे
आओ महारानी
ज्योत जगाऊं मैं
तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ जय जय माँ
जय जय अम्बे माँ
जय जय माँ जय जय माँ
जय जय अम्बे माँ
[1]सोने का सिंहासन माँ, तेरे लिए लाया
भक्तों ने मिलकर माँ, दरबार सजाया
अंगना पधारो माँ, करो मेहरबानी
ज्योत जगाऊं मैं, तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ...
[2]लाल चुनरिया माँ, सर पे सुहाए
हाथ में त्रिशूल, माँ के मन भाये
शेर पे सवार होके, आओ महारानी
ज्योत जगाऊं मैं, तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ...
[3]चरणों में तेरे माँ, जब शीश झुकाते
दुःख और दर्द माँ ,सब भूल जाते
भक्तों पे दया करो , माँ वरदानी
ज्योत जगाऊं मैं, तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ ....
[4]पूरी और हलवे का, प्रसाद बनाया
कंजका बिठाई माँ, भोग लगाया
दर पे खड़े हैं तेरे, सब अज्ञानी
ज्योत जगाऊं मैं, तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ...
[5] ढोलक और ताली से, रंग जमाया
' इंदु ' ने तेरा मैया भजन सुनाया
सारी दुनिया हुई आज सुहानी
ज्योत जगाऊं मैं, तेरी अम्बे रानी
जय जय माँ...
' इंदु सामाना '