बनभौरी माता भजन
(तर्ज़ :- जा रे हंसा)
कुलदेवी हो के मेरी - क्यूँ सुणती ना अरदास मेरी
बनभौरी मैं बैठण आली - टूटण ना दे आस मेरी...
1) के मैं तेरा बेटा कोन्या - क्यूँ मन्ने तू बिसरा री सै
सारी दुनिया मौज उड़ावे - मन्ने क्यूँ तरसा री सै
तेरी सेवा ही मेरा सच्चा धन सै - तू हे पूँजी ख़ास मेरी...
2) जग के ताने सुण-सुण कै माँ - भीतर तक मैं टूट गया
मतलबी दुनिया के चक्कर में - अपणा हाथ भी छूट गया
तेरी शरण में आण पडया सूँ - रखले मैया लाज़ मेरी...
3) लोग कहैं सै तेरी चौखट पै - जो आवै वो तर जा सै
सच्चे दिल तै जो भी ध्यावै - झोली उसकी भर जा सै
प्रिंस शुभम नै सारी जिंदगी - मैया जी तेरे नाम करी...
गायक /लेखक
प्रिंस जैन - शुभम रिठालिया