ना छप्पर ना छान्हि

ना छप्पर ना छानी सब कहेला औ ढर दानी
ना कूरता ना धोती. सर बहेला गंगा पानी
पिये ला उ गांजा खाले भांग पतिया
डिम डिम डमरू बजावे ला हमार जोगिया

बाबा अपने ही हाथे खुद भष्मासुर बनावे
फिर ओकरे ही डर से खुद भागी के जान बचावे
दोसरे के माया मे मराले मतिया हो
डम डम डमरू बाजावे ला हमार जोगिया...

केहु लिहल खजाना केहु लिहल ह सोना सिन्होरा
रौवा गजब ए बाबा हाथ लागल जहर के कटोरा
भांग पी भुलाइल रहसि दिन रतिया हो
डम डम डमरू बजावेला हमार जोगिया...

Hemkant jha pyasa 9831228059

श्रेणी