सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,
भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए।
भोले मेरे, भोले मेरे,
हर धड़कन तेरा नाम सुनाए॥
बेलपत्र की खुशबू महके,
मंदिर में दीपक धीरे जलते।
तेरी भक्ति में मन खो जाए,
आँखों से प्रेम के मोती छलके॥
सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,
भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए॥
गंगा जल की पावन धारा,
तेरा ही देती सहारा।
जो भी तेरे द्वार पे आए,
भर दे उसकी जीवन धारा॥
सावन की फुहारों में, भोले तेरी याद आए,
भीगे-भीगे इन मौसमों में, मन तेरा गुण गाए॥
तेरी कृपा की छाँव रहे,
हर पल मेरा गाँव रहे।
भोले तेरे चरणों में ही,
जीवन मेरा सफल रहे॥
ललित गेरा