हमको रूला दिया है (गोपी विरह गीत)

हमको रूला दिया है (गोपी विरह गीत)

हमको रुला दिया है,
तेरी याद ने कन्हैया।
पागल बना दिया है,
तेरी याद ने कन्हैया ।।

नंदलाल कितने निष्ठुर,
निर्मोही हो गए तुम,
वादा भुला दिया है
तेरी याद ने कन्हैया.

बरसों से नैंन बरसें,
तेरे देखने को तरसें,
बिरहन बना दिया है-
तेरी याद ने कन्हैया.

फागुण होरी को तरसे,
सावन अंगार बरसे,
दिल को जला दिया है-
तेरी याद ने कन्हैया.

ए 'मधुप' रसीले रसिया
मोहन मुरलिया वाले,
नीरस बना दिया है
तेरी याद ने कन्हैया.

आ लौटकर आ जावो,
इकबार हे कन्हैया,
जीवन बिता दिया है-
तेरी याद ने कन्हैया.