भोले तुमसे मिलने का
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही बहाना है ॥
एक लोटा जल, बेलपत्र, हमें भोले पर, चढ़ाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
हरिद्वार में, ढूँढा तुम्हें, काशी में, पाया है ॥
हिमाचल के, पर्बत पे, मेरे भोले का, ठिकाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
फूलों में, ढूँढा तुम्हें, कलियों में, पाया है ॥
हरे, बेलपत्रों में, मेरे भोले का, ठिकाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
सूरज में, ढूँढा तुम्हें, चंदा में, पाया है ॥
तारों की, चम चम में, मेरे भोले का, ठिकाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
यमुना में, ढूँढा तुम्हें, गंगा में, पाया है ॥
सागर की, लहरों में, मेरे भोले का, ठिकाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
जंगल में, ढूँढा तुम्हें, पेड़ों में, पाया है ॥
हरी, हरी भंगियाँ में, मेरे भोले का, ठिकाना है
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
मंदिरों में, ढूँढा तुम्हें, घर-घर में, पाया है ॥
भक्तों के, हृदय में, मेरे भोले का, ठिकाना है ।
भोले, तुमसे मिलने का, सावन ही...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल