गणपति मेरे घर आना,
मंगल दीप जलाना।
गौरा के लाला, मेरे अंगना आना,
ढोल बजे रे, नगाड़े बजे रे,
गणपति बप्पा, सब मिल गाना॥
सज गई गलियाँ, सजा है द्वारा,
आज मिला है दर्शन प्यारा।
लाल सिंदूरी रूप तुम्हारा,
लगता सबसे न्यारा॥
मोदक लेकर थाल सजाया,
दूर्वा का हार चढ़ाया।
आओ मेरे गणराजा आओ आओ
मन ने तुम्हें बुलाया॥
गणपति मेरे घर आना,
मंगल दीप जलाना।
गौरा के लाला, मेरे अंगना आना,
ढोल बजे रे, नगाड़े बजे रे,
गणपति बप्पा, सब मिल गाना॥
रिद्धि-सिद्धि के संग में आना,
मेरे घर को धाम बनाना।
जिसने तेरे नाम को ध्याया,
उसका जीवन है मुस्काया॥
दुख की घटा को दूर भगाना,
सुख का दीप जलाना।
हे विघ्नहर्ता गणपति देवा,
चरणों में तुम रखना॥
गणपति मेरे घर आना,
मंगल दीप जलाना।
गौरा के लाला, मेरे अंगना आना,
ढोल बजे रे, नगाड़े बजे रे,
गणपति बप्पा, सब मिल गाना॥
बच्चे नाचें, भक्त पुकारें,
गूँजे नाम तुम्हारे।
गणपति बप्पा मोरया बोले,
आज सभी हैं तेरे॥
गणपति मेरे घर आना,
मंगल दीप जलाना।
गौरा के लाला, मेरे अंगना आना,
ढोल बजे रे, नगाड़े बजे रे,
गणपति बप्पा, सब मिल गाना॥
गणपति बप्पा मोरया!
मंगल मूर्ति मोरया!
गणपति बप्पा मोरया!
मंगल मूर्ति मोरया!
ललित गेरा