रंग काला है गल माला है

रंग काला है गल माला है 

धुन-चाहे पास हो चाहे दूर हो 
रंग, काला है, गल माला है, 
मेरा, श्याम तो, मुरली वाला है ॥

मोर, मुकुट, पिताम्बर धारी, 
अँखियाँ, तेरी, भई कज़रारी ॥
भई, कज़रारी,
रंग, काला है, गल माला है... 

यमुना, तट पे, गईयाँ चरावे, 
सखियाँ, दे नाल, रास रचावे ॥
रास, रचावे,
रंग, काला है, गल माला है... 

मीराँ, पी गई, ज़हर प्याला, 
बन गया, वो तो, अमृत वाला ॥
अमृत, वाला, 
रंग, काला है, गल माला है... 

पापियों, को वो, मार मुकावे, 
भक्तन, को वो, दर्श दिखावे ॥
दर्श, दिखावे, 
रंग, काला है, गल माला है... 

जप लो, तुम भी, कृष्ण कन्हईया, 
पार, लगेगी, तेरी नईया ॥
तेरी, नईया,
रंग, काला है, गल माला है... 
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल

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