बाल गणेशा पिता महेशा
बाल, गणेशा, पिता महेशा ॥
घर मेरे, आईयो रे, कि रंग, बरसाईयो रे ।
तेरे लिए, बप्पा मैंने, कलश भराया ॥
फूलों से, घर अंगना, सजाया ॥
ओ धीरे-धीरे, आईयो रे,
कि रंग, बरसाईयो रे ।
बाल गणेशा, पिता महेशा...
स्वर्ण, सिंहासन, आन बिराजो ।
पीला, पीतांबर, तन पर साजो ॥
ओ छम छम, आइयो रे,
कि रंग, बरसाईयो रे ।
बाल गणेशा, पिता महेशा...
मेवा, मोदक का, भोग लगाओ ।
संग, में रिद्धि, सिद्धि को लाओ ॥
ओ शुभ, लाभ को भी, लाईयो रे,
कि रंग, बरसाईयो रे ।
बाल गणेशा, पिता महेशा...
सत्संग, में तुम्हें, भक्तों ने बुलाया ।
गज़ब, का तेरा, दरबार लगाया ॥
ओ जलवा, दिखाईयो रे,
कि रंग, बरसाईयो रे ।
बाल गणेशा, पिता महेशा...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल