खाले खाले रे कन्हैया लाई माखन मिश्री घोल

खाले खाले रे कन्हईया

खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन मिश्री घोल ॥
माखन, मिश्री घोल लाई, माखन मिश्री घोल ॥
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

ताज़ा, ताज़ा, माखन लाई, लाई दहीं घमोल ॥
और देख मैं, क्या लाई ॥रसगुल्ला, गोल गोल,
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

दूध, और, ज़लेबी लाई, लाई केसर घोल ॥
गर्मा गर्म, पकौड़े लाई ॥मत कर, टालम टोल,
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

सास, ननद से, छुप कर आई, लाई माखन चोर ॥
देख, किसी ने, देख लिया तो ॥खुल, जाएगी पोल,
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

देखो, जी मैं, रूठ जाऊँ, घर को, हो जाऊँ गोल ॥
राधा, जी से, करूँ छिकायत ॥छुप गए, नंद किशोर,
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

डर के, मारे, खाने लग गए, दोनों आँखें खोल ॥
सब, सखियों को, दर्शन दे गए ॥राधे कृष्ण बोल,
खाले, खाले, रे कन्हईया, लाई, माखन...

अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल

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