दुःख का बादल जब जब मुझपे छा गया,
नीले घोड़े चढ़ कर बाबा मेरा आ गया,
जब जब संकट आया है इसको सामने पाया है,
दुनिया ने रिश्ते तोड़े इसने साथ निभाया है,
रोते हुए हँसा गया अपने गले लगा गया,
वो आ गया वो आ गया मेरा श्याम,
दुःख का बादल जब जब मुझपे छा गया,
स्वार्थ के संसार में येही एक सहारा है,
हर प्रेमी हक़ से कहता बाबा श्याम हमारा है,
हारे हुए को जीता गया भक्त का मान बढ़ा गया,
वो आ गया वो आ गया मेरा श्याम,
दुःख का बादल जब जब मुझपे छा गया,
ये सच्चा दातार है इसकी दया अपार है,
इसकी रेहमत से चलता मेरा घर संसार है,
रजनी की बिगड़ी बना गया हर घडी लाज बचा गया,
वो आ गया वो आ गया मेरा श्याम,
दुःख का बादल जब जब मुझपे छा गया,