गजानंद कृपा बरसादे

गजानन्द कृपा बरसा दे
त्रिनेत्री कृपा बरसा दे
में भिखारी तेरे दर्शनो का तू दर्शण कर दे
त्रिनेत्र.....

बिन तुम्हारी महर ऐ गजानंद,
कैसे सवेरे गी ये,
जिंदगानी तू ही समजादे,
त्रिनेत्र.....

धन दौलत की किसको तमन्ना
है दीवाने तेरे
इन चरणों मे थोड़ी जगाह दे दे,
त्रिनेत्र.....

मेरे दिल को लगन बस तुम्हारी,
गजा मुझको तेरी ,
प्रैम गंगा में डुबकी लगा दे,
त्रिनेत्र...

अशोक कुमार जांगिड़
सवाई माधोपुर राजस्थान
म.9828123517

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