मैं तो ढूंढ रही थी गली

मैं तो ढूंढ रही थी गली गली,
कही दिखे न कन्हाई
कैसा मीरा को मिले थे
मुझे समज ना आये
मैं तो ढूंढ रही थी गली

अखियो में मेरे घनश्याम चितचोर
अधरों पे मुरली जिसके बालो में पंख मोर है,
कही दिखे न कन्हाई
मेरे हाथो में इक तारा और जुबा पे तेरी रुभाई,
मैं तो ढूंढ रही थी गली

लगता है तो कोई साथ चल रहा है
उस के लिए दिल में एहसास पल रहा है,
कही दिखे न कन्हाई
लुक छिप के रेहने वाले है तूने तडप जगाई ,
मैं तो ढूंढ रही थी गली

मुझसे भी यारी करलो बांके बिहारी
मैंने भी पेहनी तेरे नाम की साडी
कही दिखे न कन्हाई
जैसे मीरा को मिले वैसे मुझे भी मिल जाए कन्हाई
मैं तो ढूंढ रही थी गली

श्रेणी
download bhajan lyrics (1247 downloads)