जिसने हम को जन्म दियां

ना मंदिर न मस्जिद जानू ना जानू गुरुद्वारा
स्वर्ग से सुंदर लगता है घर में तीर्थ सारा,
मनका भ्रम निकालो अब तो माटी के इंसान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल

बाहर तो है अनंत दिखावा है स्वार्थ की नगरी
मात पिता का सेवा ही है बस अमृत की गगरी
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा करता क्यों अभी मान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल

दुनिया का ये रंग मंच पर है दो दिन का मेला
भीड़ लगा कर इस धरती पर दिखा रहे है खेला
सत यही है जाना सब को यही अवर गुणगान है
जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,
चल चल चल ओ साथी चल

श्रेणी
download bhajan lyrics (1018 downloads)