मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे से जल गई

मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे में जल गई.....

भूख लगी तो फल मैंने खाऐ,
लंका निश्चर मारने आए,
पूछ मे मेरी आग लगाई,
तब ही हवा ये चल गई,
मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे से जल गई.......

मारता तो प्रभु आज्ञा लेता,
उनकी खाट खड़ी कर देता,
मार ना पाया लंकापति को,
नाथ बात ये खल गई,
मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे में जल गई......

download bhajan lyrics (964 downloads)