जय हो जय हो सद्गुरु सरकार, बलिहार बलिहार।
तोपै कोटि प्राण दउँ वार, बलिहार बलिहार।
तू तो दूजो नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तू तो विधि हरि हर अवतार, बलिहार बलिहार।
तू तो सगुण ब्रह्म साकार, बलिहार बलिहार।
तू तो दिव्य ज्ञान दातार, बलिहार बलिहार।
तू तो दिव्य प्रेम दातार, बलिहार बलिहार।
तू तो पतितन की पतवार, बलिहार बलिहार।
तू तो सबको साँचो यार, बलिहार बलिहार।
तू तो अधम उधारन हार, बलिहार बलिहार।
तू तो करुणा को भंडार, बलिहार बलिहार।
तू तो कृपा रूप साकार, बलिहार बलिहार।
तू तो रसिकन को सरदार, बलिहार बलिहार।
तू तो नित कर पर उपकार, बलिहार बलिहार।
तू तो बिगरी बनावन हार, बलिहार बलिहार।
तेरे पाछे डोले नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तोपे जाउँ बलि बारंबार, बलिहार बलिहार।
तेरी कृपा पै 'कृपालु' बलिहार, बलिहार बलिहार।
पुस्तक : ब्रज रस माधुरी, भाग-3
पृष्ठ संख्या -2
कीर्तन संख्या -2