राम की धुन में हो के मगन रोज करता रहूं मैं भजन

राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं , मैं भजन ,
कही और लगाऊं ना मन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,

पहले भक्ती मिली, फिर भजन हैं मिला,
फिर भजनों में , राम का संग मिला,
राम जी से , लगाऊं मैं लगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं , मैं भजन ,

जब से भक्ती मिली, मैं बदल सा गया,
जीवन मेरा तो फिर ये, सुधर सा गया,
अब बनाऊं , निर्मल ये मन,
रोज करता रहूं , मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं , मैं भजन ,

भक्ती राम की मुझसे, ना छुटे कभी,
जो भी होंगे जतन , वो करूंगा सभी,
अब हटाऊ ना, भजनों से मन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं , मैं भजन ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

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