ओ गुरुओ के गुरु गोरख

ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

  1. किसा पाड दिया यो चाला, माटी का बणाया गढ़वाला,
    थारा देख्या खेल निराला हो, थारे मोह नै मोह लिया,
    ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

  2. गुरु भक्ति ख़ूब दिखाई, भिक्षा महै आँख लुटाई
    तेरी गावै जगत बड़ाई, अगत का चारा बो लिया
    ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

  3. बाछल का भाग जगाया, उस गोगा पीर को ल्याया,
    तेरे जैसा नाथ नही पाया, जगत मन्ने सारा टोह लिया
    ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

  4. पूरणमल तन्नै बचाया, माथे का कलंक मिटाया,
    वो फेर भगत कहलाया, उका तन्नै दाग धो लिया
    ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

  5. मन महै भगती उपजाकै, मैनावंती को राह दिखाकै
    गोपीचंद को अमर कराकै, रै तू चलता हो लिया
    ओ गुरुओ के गुरु गोरख मैं थारा हो लिया

    प्रेषक:
    सिंगर सुनील धनुवंशी 98123-01662
    हिसार हरियाणा - 125001
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