एक बर आकर, देख यहां पर
खुशियां मिलती है
यहां.. मोरछड़ी के झाड़े से तकदीर बदलती है
झोलियां पल में भरती.. झाड़े से
बिगड़ी किस्मत संवरती.. झाड़े से
कहते हैं जिसको लाईलाज सारे
उसका भी है ईलाज.. झाड़े से
बड़ी से बड़ी बीमारी भी यहां आके सुधरती है.. यहां
आपस में प्यार बढ़ता.. झाड़े से
खूब व्यापार बढ़ता.. झाड़े से
भरे भण्डार रहते.. झाड़े से
मान सम्मान बढ़ता.. झाड़े से
टूणा टोटका बुरी नजर झाड़े से डरती है.. यहां
टूटे रिश्ते जुड़ जाते.. झाड़े से
नये बंधन बंध जाते.. झाड़े से
सूनी हो गोद जिसकी बरसों से
गोद वो भी भर जाती.. झाड़े से
मोरछड़ी पर श्याम कृपा दिन रात बरसती है.. यहां
काम तेरा बन जाये.. झाड़े से
गोद तेरी भर जाये.. झाड़े से
तुझको कोई दुखी नजर आये
उसको अवगत कराना.. झाड़े से
इस झाड़े की चर्चा अम्बरीष दुनिया करती है.. यहां
Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai
9327754497