नर से नारी बने भोलेनाथ
नर से नारी, बने, भोले नाथ,
गौरां, कहने लगी ॥
कहने, लगी गौरां, कहने लगी ॥
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले, में नाग, लिपट रहे काले ॥
मारे, अंदर, से फुँकार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
कहाँ, छुपाओगे, गंगा की धारा ॥
बहती, बहती, जटा से धार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले में, पहने, मुंडों की माला ॥
कैसे, पहनोगे, मोतियन के हार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
जटा, जूट सी, कैसे छुपेगी ॥
सब, उलझ, रहे हैं वाल,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल