उही जाने महिमा ल तोर सतगुरु बाबा ॥
जेहा मन से भजन करेय हो ॥
मोर गुरु बाबा.. उही जाने महिमा तोर ॥
पूजा तोरे भक्ति मोरे भक्ति म भगवान,
गरीब ह अमीर बनगे पाके तोर नाव ॥
तो उही जाने महिमा ल तोर
सूबा शाम सुमिरन कर जोर ॥
मोर गुरु बाबा.. उही जाने महिमा ल तोर
तोर नाम के बदना कोनो रइथे जी उपास,
मनके मनौती पूरा पाके शरधा अउ बिश्वास ॥
तो उही जाने महिमा ल तोर
जे सतनाम साधे सुरती के डोर ॥
मोर गुरु बाबा.. उही जाने महिमा ल तोर
तोर चरन म कतको आथे लाखो अउ हजार,
कतको भुइया नापत गुरु, खाड़े तोर दुवार ॥
तो उही जाने महिमा ल तोर
जेकर हिर्दय उठे भाव बिहोर ॥
मोर गुरु बाबा.. उही जाने महिमा ल तोर