बुलवा ले बरसाने में
धुन- धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई, प्राणों में ॥
कोरा, कोरा गढ़वा, गंगा जल पानी ॥
हो चरण, धुलाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
लाल चुनरिया, पीली गगरिया ॥
हो बिंदिया, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
मिश्री, की ढेली, मैं ले आई ॥
हो भोग, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, रंगीली, सांवरे कन्हैया ॥
हो दर्शन, पाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, जी को, मन की बताऊँ ।
दिल, की मैं, फरियाद सुनाऊँ ॥
हो जगह, बता दें, अपने चरणन में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
बरसाने वाली की जय
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल