रंग डाल गयो री श्याम

रंग डाल गयो री श्याम, सखी री रंग डाल गयो,
मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,

रंग डाल गयो री श्याम, सखी री रंग डाल गयो,
मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,

बीच बजरिया में आयो कन्हैया,
पकड़ी उसने मेरी कलइया,
अरे बीच बजरिया में आयो कन्हैया,
पकड़ी उसने मेरी कलइया,
ओ सखी मल गयो, ओ सखी मल गयो मुख पे गुलाल,
सखी री रंग डाल गयो,

मेरी चुनर को कर गयो लाल, सखी री रंग डाल गयो,
ओ मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,

बचते बचाते आई हूं दोड़ के,
उस छलिया को पीछे छोड़ के,
अरे बचते बचाते आई हूं दोड़ के,
उस छलिया को पीछे छोड़ के,
ओ सखी कर दो , ओ सखी कर दो बंद किवाड़ ,
सखी री रंग डाल गयो,

मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,
ओ मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,

कुछ तो सखी अब करना पड़ेगा,
उस छलिया को रंगना पड़ेगा,
अरे कुछ तो सखी अब करना पड़ेगा,
उस छलिया को रंगना पड़ेगा,
ओ सखी ले आओ , ओ सखी ले आओ रंग गुलाल ,
सखी री रंग डाल गयो,

मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,
ओ मेरी चुनर को कर गयो लाल , सखी री रंग डाल गयो,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

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