तरज- आने से उस के आऐ बहार
आई हूँ चलके मोहन के द्वार,
माग रही बाबा मैं तेरा प्यार
सरण तुम्हारी है, बाबा बेटी तेरी
बड़ी दुखिआरी है , बाबा बेटी तेरी
मै दुनिया से हारी अब तेरी खोली मे आई
मोहन राम बाबा जी अब करले तु मेरी सुनाई
दुनिया में कोई नहीं
किस्मत से हारी है, बाबा बेटी तेरी
बड़ी दुखिआरी है , बाबा तेरी बेटी
तेरे बिन मेरे बाबा नहीं दुनियाँ में कोई सहारा
शरण में आई हूँ तेरी करो जीवन मां तुम उजियारा
तेरे द्वार की लीला तो
सब से नियारी है, बाबा देखी मनै
बड़ी दुखिआरी है , बाबा बेटी तेरी
चारो और से मोहन मुझे कषटो ने घेरा हैं
कृपा करो हे दियालू तेरा नाम ही मननै टेरा है
खैरात डालो झोली में,
खड़ी बनके भिखारी है , बाबा बेटी तेरी
बड़ी दुखिआरी है, बाबा बेटी तेरी
तेरे धाम मिलकपुर अन्दर बाबा कटते हैं संकट ये सारे
जसपाल जनाल के मोहन भरो अन्न धन से आज भण्डारे
अच्छै से पड़ लेना
अरजी हमारी है, जो बाबा तनै देती
बड़ी दुखिआरी है , बाबा बेटी तेरी
राईटर जसपाल जनाल
कलाकार रिकु शरमां