बौंल-ना तो इज्जत ना शौहरत बड़ी
चीज़ है।
ना दौलत हकुमत बड़ी चीज़ है॥
गर जहां में कोई चीज़ भी है बड़ी।
गुरू चरणों की भक्ति बड़ी चीज़
है॥
लाख़ पड़लो किताबें नहीं कुछ
असर।
हो ना जब तक के गुरू की करूणा
नज़र॥
पास बैठो तो आती है यादें ख़ुदा।
ऐसे सत्तगुरु की सोहबत बड़ी चीज़
है॥
ये ना पुछो की ख़िदमत का क्या है
सिला।
पहले ख़ादिम बना फिर वो मख़दूम
था॥
रंग लाती है ये इक ना इक दिन
ज़रूर।
ऐसे सत्तगुरु की सेवा बड़ी चीज़
है॥
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की...
धन्य भाग्य हमारे आज हुए,
शुभ दर्शंन ऐसे सत्तगुरु की
पावन किन्हीं भारत भुमि,बलिहारी
ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की...
क्या रूप अनुपम पायो है,सोहे
जिम्मीं तारों बिच चंदा
सुरत मुरत मोहन वाली,बलिहारी
ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की...
क्या श्याम छटा जिम्मीं इंन्द्र घटा,
बरसत वाणी अम्रित धारा
वो मधुरी-मधुरी अजब धुंनी,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की...
हरि नाम रूपी जल वर्षा कर,
हरि प्रेम बगीचा लगा दिया
हरि ग्यान रूपी जल वर्षा कर,
हरि प्रेम बगीचा लगा दिया
खिल रही है कैसी फुलवारी,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बलिहारी ऐसे सत्तगुरु की...
जय गुरुदेव जय जय गुरुदेव
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000