मेरी बांह पकड़ लो श्यामा
मेरी, बांह, पकड़ लो श्यामा ॥
मुझे, अपना, बना लो श्यामा ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो श्यामा ॥
हाँ ऊच्चों, तेरो बरसाना ॥
मेरे, बस में, नहीं है आना ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
करूणामई, नाम, तुम्हारा ॥
हमको तो, तेरा सहारा ॥
करुणा, बरसा दो, श्यामा ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
मैं तो, जन्म, जन्म की भटकी ॥
मेरी, नाव, भंवर में अटकी ॥
अब, दर दर, ना भटकाना ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
जो, तीन, लोक का स्वामी ॥
वो तो, करते, तेरी गुलामी ॥
हमें, उनसे, भी मिलवाना ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
मेरी, डगमग, डोले नईया ।
राधे, बन, जाओ खिवैईया ॥
मेरी, नईया, पार लगाना ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
ओ मैं तो, हो गई, जोगण तेरी ॥
ओ मैं तो, जन्म जन्म से हूँ तेरी ॥
ओ मुझे, बरसाने, में बुलाना ॥
मेरी, बांह, पकड़ लो...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल