कलयुग में आ रे कान्हा, कलयुग में आ ।।

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

हर कोई यहा बस , माया में लगा है ,
माया का पर्दा , यहा सबपे पड़ा है ,
तू आ के माया का , पर्दा हटा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

हर कोई चाहे बस , बंगला और गाड़ी ,
भक्ति नहीं यहा , किसी को भी प्यारी ,
तू आ के दिलो में , भक्ति जगा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

झूठे है रिश्ते यहा , झूठे है नाते ,
कड़वे है बोल और कड़वी है बाते ,
तू आ के रिश्तो में , प्रेम बड़ा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

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