नैंनन में श्याम समाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाज...
1.लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन
पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन
पे
मोपे गैंल गरारे पाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाज...
2.मर जाउंगी श्याम तेरे अधरन
पे,
मिट जाउंगी श्याम रे नैनन पे
वो तो तिरछी नज़र चलाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाज...
3.बलिहारी कुंवर तेरी अलकंन
पे,
तेरी बेसर की मोती छलकन
पे
सपनें में का बतराएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाज...
4.पागल को है प्यारो वो
नंदलाला,
दिवानें भाए हैं याके सब
गोयाला
वो तो मधुर मधुर मुस्काएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाएगो,
मोहे प्रेम का रोग लगाएगो
नैंनन में श्याम समाज...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000