तेरी कृपा में कमी नहीं है

तेरी कृपा में कमी नहीं है

धुन- जिहाल-ऐ-मस्कीं
( सब से बड़ा है लख्ख दातार,
सुनता सभी की करुण पुकार ॥)

तेरी, कृपा में, कमी नहीं है,
मेरा, भरोसा, ही डगमगाए ॥
तूँ साथी बनकर, है चलने वाला,
मुझे ही छाया, नज़र ना आए ॥

दयालु तूँ है, तेरी दया का ॥
बखान, करना, बहुत कठिन है ॥
है लाखों किस्से, तेरे करम के,
ये छोटी वाणी, ना बोल पाएं ॥
तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

है कैसा मेरा, नमन ये बाबा ॥
मैं क्या बताऊँ, तुम्हें पता है ॥
है मेरा मतलब, जो सर झुका है,
तूँ देखकर के, भी भूल जाए ॥
तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

मैं भूल जाऊँ, तूँ याद रखता ॥
मैं गिर भी जाऊँ, तो थाम ले तूँ ॥
दिया है तूने, जो प्रेम इतना,
शर्म से आँखे, ये उठ ना पाए ॥
तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...

तेरी नज़र में, रहे ये ‘पंकज’ ॥
मैं जब चलूँ वो, तेरे कदम हो ॥
भली हो चाहे, बुरी हो राहें,
है तेरी मर्जी, जिधर चलाए ॥
तेरी, कृपा में, कमी नहीं है...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल