मुरली वाले

दुनिया में तेरे जैसा, कोई न मुरली वाले।
किरपा की दृष्टि करके चरणों में तू बसा ले॥

भव सिंधु में पड़ी है, जीवन की मेरी नैया।
छाया है चहुं अंधेरा,दीखे नहीं खिवैया।
नैया को हे खिवैया भव पार तू लगा दे।
किरपा की दृष्टि करके चरणों में तू बसा ले॥

तुमसे कन्हैया मोहब्बत, सदियों पुरानी मेरी।
दिल भी दीवाना तेरा, मैं भी दीवानी तेरी।
अपना बना के हमको, अपने गले लगा ले।
किरपा की दृष्टि करके चरणों में तू बसा ले॥

हमने सुना है मोहन,गिरते को तू उठाए।
भक्तों के गम मिटाकर संकट सभी हटाए।
श्यामाकी अर्जी सुनकर दुख दर्द तू भगा दे।
किरपा की दृष्टि करके चरणों में तू बसा ले॥

श्रेणी