वृंदावन में आऊँ मोहन

वृंदावन में आऊं मोहन, ये अरदास हमारी
मेरे बांके बिहारी सुन लो अर्ज हमारी

तेरे नाम की महिमा गाऊं तेरी ज्योत जलाऊं
साँझ सवेरे राधे कृष्णा घटना मैं तो लगाऊं
शरण तुम्हारी पड़ा हूं मोहन राखो लाज हमारी
मेरे बांके बिहारी...

तेरी कृपा से गिरधर मेरी नैया चलती जाए
चाहे जैसी आए मुसीबत पल में हल हो जाए
कृष्ण नाम में गाऊं मोहन भर दो झोली खाली
मेरे बांके बिहारी...

सांवली सूरत छवि तुम्हारी मेरे मन को भाये
बांके बिहारी देख के तुमको मेरा मन हरसाए
दर्शन दे दो मुरली बजईया जाऊं मैं बलिहारी
मेरे बांके बिहारी...

Writer - Brajbihari Sharma

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