बाँध कमर पे साड़ी
बाँध, कमर पे, साड़ी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ॥
मेरे, भोले की, जटा घनेरी ॥
बाँध, बाँध, मैं हारी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ।
बाँध, कमर पे, साड़ी...
मेरे, भोले के, माथे पे चँदा ॥
टीका, पहनाओ, गौरां प्यारी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ।
बाँध, कमर पे, साड़ी...
भोले, के गले में, नागों की माला ॥
दूध, पिला,वत हारी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ।
बाँध, कमर पे, साड़ी...
मेरे, भोले के, हाथ में डमरू ॥
नाच, नाच, मैं हारी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ।
बाँध, कमर पे, साड़ी...
मेरे, भोले के, पैरों में घुँघरू ॥
चाल, चले, मतवारी,
कि, भोले बने, नर से, नारी ।
बाँध, कमर पे, साड़ी...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल