हे गजानंद गणपति,
हम तुमको आज बुलाते हैं।
आओ आओ गणपति आओ,
आकर दर्शन दिखाओ ना॥
तेरी सूरत मन में बसती,
तेरा रूप निराला।
एक झलक जो मिल जाए तेरी,
मन हो जाए मतवाला॥
माथे चंदन तिलक सुहाए,
कानों कुंडल प्यारे।
लाल लंगोटा तन पर सोहे,
लगते सबसे न्यारे॥
तू ही मेरा मान बढ़ाए,
तू ही मेरी शान।
जब भी तेरा नाम पुकारूँ,
मिलता मन को ज्ञान॥
तेरी लीला कोई न जाने,
तू है अंतर्यामी।
तेरे आगे शीश झुकाकर,
मिटती हर नाकामी॥
तेरी भक्ति रंग चढ़ा दे,
ऐसा रंग चढ़ाना।
जन्म-जन्म मैं तुझको चाहूँ,
चरणों में रखना बप्पा॥
हे गजानंद गणपति,
हम तुमको आज बुलाते हैं।
आओ आओ गणपति आओ,
आकर दर्शन दिखाओ ना॥
सिंगर / लिरिक्स - ललित गेरा (SLG Musician)