मै तो गोपाल गोपाल गाती रहूँ
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती रहूँ ॥
अपने, प्यारे, मोहन को, बुलाती रहूँ ॥
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
कभी, मधुरा में ढूँढूँ, कभी, गोकुल में ढूँढूँ ॥
कभी, बरसाने फेरे, लगाती रहूँ ॥
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
कभी, गंगा में ढूँढूँ, कभी यमुना में ढूँढूँ ॥
कभी, सरयू में, डुबकी, लगाती रहूँ ॥
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
कभी, चंदा में ढूँढूँ, कभी सूरज में ढूँढूँ ॥
कभी, तारों से, नज़रें, मिलाती फिरूँ ॥
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
कभी, रोती फिरूँ, कभी गाती फिरूँ ॥
कभी, नाच नाच, तुमको, रिझाती रहूँ ॥
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
कभी, घर घर मैं ढूँढूँ, कभी गलियों में ढूँढूँ ॥
मैं तो, योगन का भेस, बनाती फिरूँ ।
वृंदा, वन के, मैं फेरे, लगाती रहूँ ।
मै तो, गोपाल, गोपाल, गाती...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल