सरकार हमारी तो श्रीराधा रानी है
धुनःकुछ लोग ज़माने में ऐसे भी होते हैं
दुनियां की सरकारें, ज्यूं बहता पानी है।
सरकार हमारी तो, श्रीराधा रानी है॥
इस दुनियां में सब की, बड़ी रिश्तेदारी है,
अपनी तो बस इक ही, बरसाने वारी है-
बरसाना धाम बिना, कोई धाम नहीं भाता,
जुबां पर जब आता है, राधा नाम ही आता है-
दुनियां में धन दौलत, कहीं थोड़ा कहीं ज्यादा,
अपनी सुख संपति तो, वृषभान- सुता राधा-
दुनियां चालाक बड़ी, बड़ी मतलब-खोरी है,
अपनी श्री राधा तो, बड़ी ही भोरी है-
कोई धन पर मान करे, कोई बल पर मान करे,
राधा बिन दीनमधुप, कहौ किस पर मान करे-