मैंने तेरे ही भरोसे लक्ष्मी माँ
जीवन की ज्योत जगा दई।
ओ लक्ष्मी मैया, तेरे भरोसे,
अरजी तेरे द्वार लगा दई॥
अंतरा 1 — सवाल
काहे का दीप जलाऊँ मैया,
काहे की बाती,
मैया काहे का तेल भरूँ,
जगमग हो राती॥
अंतरा 1 — जवाब
श्रद्धा का दीप जलाऊँ मैया,
प्रेम की बाती,
भक्ति का तेल भरूँ मैया,
जगमग हो राती॥
मैंने तेरे ही भरोसे माँ
जीवन की ज्योत जगा दई।
ओ लक्ष्मी मैया, तेरे भरोसे,
अरजी तेरे द्वार लगा दई॥
अंतरा 2 — सवाल
कौन बसे मेरे घर आँगन,
कौन मिटाए अँधियारा,
मैया कौन कृपा बरसाए,
कौन बने रखवारा॥
अंतरा 2 — जवाब
सुख-समृद्धि घर में बस जाए,
दूर हो दुख सारा,
लक्ष्मी मैया कृपा बरसाएँ,
चमके भाग्य सितारा॥
मैंने तेरे ही भरोसे लक्ष्मी माँ
जीवन की ज्योत जगा दई।
ओ लक्ष्मी मैया, तेरे भरोसे,
अरजी तेरे द्वार लगा दई॥
अंतरा 3
खाली झोली लेकर आई,
सुन ले मेरी विनती,
मेहनत में बरकत दे मैया,
मन में भर दे भक्ति॥
घर-घर दीप दिवाली वाले,
तेरी महिमा गाएँ,
लक्ष्मी मैया दया दिखाओ,
खुशियों के दिन आएँ॥
अंतिम मुखड़ा
मैंने तेरे ही भरोसे लक्ष्मी माँ
जीवन की ज्योत जगा दई।
ओ लक्ष्मी मैया, तेरे भरोसे,
अरजी तेरे द्वार लगा दई॥
जय लक्ष्मी माता!
जय महालक्ष्मी माता!
सिंगर - ललित गेरा ( SLG Musician)