जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की

जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की ,
साँची लगन मन बाँवरे की,

गिरधर मेरे मन में समाये,
और न कुछ भी मोहे भाये
मन में प्रीत जगी सँवारे की,
इक रत्न मन वनवारे की,
जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की ,
साँची लगन मन बाँवरे की,

मैं तो उनकी प्रेम दीवानी,
हम दोनों की प्रीत पुरानी,
लागि लगन श्याम सँवारे की,
इक रत्न मन वनवारे की,
जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की ,
साँची लगन मन बाँवरे की,

नैनं में छवि श्याम की प्यारी,
सास नन्द मोहे देते है गाली,
चुनरी रंगी रे रंग सँवारे की,
इक रत्न मन वनवारे की,
जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की ,
साँची लगन मन बाँवरे की,

श्याम सलोना मुखड़ा भोला,
मधुर मधुर सब मन डोला,
बंसी भजि रे श्याम सँवारे की,
इक रत्न मन वनवारे की,
जोगन बानी रे मैं तो सँवारे की ,
साँची लगन मन बाँवरे की,

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