मेरा साई सब जानता है

क्या अमीर क्या गरीब इनके लिये सब एक है,
इनको वही पसंद है जो करता काम अनेक है,
बिन मांगे सब मिल जाये जो दिल से इनको मानता,
मेरा साई सब जानता है

पल में नसीब बदल जाये जो हाथ रख दे सिर पे,
कोई नहीं आता है खाली को जाता है दर पे,
कौन बुरा है कौन भला है सब को ये पहचानता,
मेरा साई सब जानता है

जो पाले दर्शन उसका जीवन सफल हो जाये,
फिर सारी उम्र वो साई का गुण पाये,
सब का मालिक एक है इस बात की गाँठ जो बाँध ता,
मेरा साई सब जानता है

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