बरसाने में बजती वधाई रे

बरसाने में बजती वधाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे,

ब्रिश्भानु पिता की रति माता,
दोनों है ख़ुशी मनाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे,

ससुराज जो कही ओ न नैना सुनु
ससुलिया तो कही कही हारी रे
ब्रिश्भानु की लाली आई रे........

ये झांस गई ओह न नैना सुनी
ये जेठानिया कई कई हारी रे
ब्रिश्भानु की लाली आई रे......

देवरसो गई का नैना सुनी गोरनिया से कई कई हारी से,
ब्रिश्भानु की लाली आई रे,

श्रेणी
download bhajan lyrics (842 downloads)