राम का सुमिरन बड़ा सुखदायी

राम का सुमिरन बड़ा सुखदायी,
जुग के पालक हाइन रघुराई,

राम शरण में मिलता सहारा,
डूब रहे जो मिलता किनारा,
राम की महिमा कैसे सुनौउन,
राम की लीला समझ ना पौन,
राम से लगान लगी,
राम का सुमिरन बड़ा सुखदायी,

राम के रंग में खुद को रणगौन,
जिधर भी देखूं राम ही पौन,
टन मान में जब राम बड़े हो,
राम के मीठे बोल बड़े हो,
विपदा निकट ना आए,
राम का सुमिरन बड़ा सुखदायी,

राम का सुमिरन बड़ा सुखदायी,
जुग के पालक हाइन रघुराई,

श्रेणी
download bhajan lyrics (1171 downloads)