जय गणेश
बड़े मजे से खा के लडुआ
मोरे अंगना आ गए हैं
जय गणेश
चूहा पे बैठके के देखो गजानन
गौरी के लल्ला आ गए हैं।
ए भैया- चूहा पे बैठके के देखो गजानन
गौरी के लल्ला आ गए हैं।
मोदक मिश्री लाडुआ मेवा
भोग लगाएं तुमको देवा
प्रथम पूज्य तुम ही कहलाते
सबके मन को भाग गए हैं।
छोटे से चूहा की करके सवारी
एकदंत की है महिमा न्यारी
बल बुद्धि विद्या के दायक
सबके काज बना दए है।
मंगल मूर्ति हो अती प्यारे
आप जगत के पालनहारे
ढोल नगाड़ा घर-घर बाजे
बप्पा जग में छा गए हैं।
सबकी नैया पार लगईयो
अगले बरस देवा जल्दी से अईयो
प्रभु राज भगत करते हैं विनती
बिगड़े काज बना गए हैं।
चूहा पे बैठके के देखो गजानन
गौरी के लल्ला आ गए हैं।
बड़े मजे से खा के लडुआ
मोरे अंगना आ गए हैं
जय गणेश