तेरा दरबार ओ बाबा बड़ी क़िस्मत से मिलता है।
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
तेरे दरबार में बाबा जो लेकर आस आया है
भरी झोली सदा तुने ना खाली लोट पाया है
ये वो दर है जहाँ सब कुछ बिना मांगे ही मिलता है
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
तेरा दरबार ओ बाबा बड़ी क़िस्मत से मिलता है।
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
कृपा तेरी जो ना मिलती तो दर दर ही भटकते हम
करम तेरा हुआ बाबा कहा थे और कहाँ है हम
तू है जीवन में तो जीवन मेरा उपवन सा खिलता है
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
तेरा दरबार ओ बाबा बड़ी क़िस्मत से मिलता है।
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
ना भुला हूँ ना भूलू गा तेरे उपकार को बाबा
सजाया घर मेरा तुमने यूही रहना तू संग बाबा
अनुज कहता है घर मेरा तेरी किरपा से चलता है
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है
तेरा दरबार ओ बाबा बड़ी क़िस्मत से मिलता है।
जो आ जाए शरण तेरी तेरी किरपा से चलता है।
LYRICS:- ANUJ JAIN JI
SINGER:- SUNNY NARANG