बांके बिहारी जी, कब हमको वृन्दावन बुलाओगे ,
ये तो बता तो जरा , हमको ये तो बता दो जरा ,
निधिवन में तुम रोज जाते , राधा के संग रास रचाते ,
निधिवन में तुम रोज जाते, राधा के संग रास रचाते ,
कब वो दिखाओगे , हमको कब वो दिखाओगे ,
बांके बिहारी जी, कब हमको वृन्दावन बुलाओगे ,
ये तो बता तो जरा , हमको ये तो बता दो जरा ,
गोकुल में तुम गय्या चराते , गोपियों का माखन चुराते ,
गोकुल में तुम गय्या चराते , गोपियों का माखन चुराते ,
कब वो दिखाओगे , हमको कब वो दिखाओगे ,
बांके बिहारी जी, कब हमको वृन्दावन बुलाओगे ,
ये तो बता तो जरा , हमको ये तो बता दो जरा ,
उंगली पे गिरिराज धरा है , अधरों पे तुम्हारे मुरली धरी है ,
उंगली पे गिरिराज धरा है , अधरों पे तुम्हारे मुरली धरी है ,
कब वो दिखाओगे , हमको कब वो दिखाओगे ,
बांके बिहारी जी, कब हमको वृन्दावन बुलाओगे ,
ये तो बता तो जरा , हमको ये तो बता दो जरा ,
ग्वाल और बाल सब सखा तुम्हारे, हम नहीं क्या तुमको प्यारे ,
ग्वाल और बाल सब सखा तुम्हारे, हम नहीं क्या तुमको प्यारे ,
क्यों तड़पाते हो , हमको क्यों तड़पाते हो ,
बाके बिहारी जी, कब हमको वृन्दावन बुलाओगे ,
ये तो बता तो जरा , हमको ये तो बता दो जरा ,
Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore